Saturday, May 9, 2026
Home शिक्षाBig Breaking..Exclusive…..वेदांता में मौत का धमाका…पॉवर प्लांट बना जलता हुआ मौत का कुंड…लगभग 10 से अधिक मजदूरों के मौत की खबर..जलते हुए श्रमिक जान बचाने दौड़े…दहशत और ख़ौफ़ का मंजर… बढ़ सकता है मौत का आंकड़ा…15 से अधिक श्रमिक गम्भीर रूप से हुए घायल..खरसिया के पद्मावती और जिंदल व रायगढ़ के हॉस्पिटल में एडमिट.. पढ़िए पूरी खबर इनसाइड स्टोरी…

Big Breaking..Exclusive…..वेदांता में मौत का धमाका…पॉवर प्लांट बना जलता हुआ मौत का कुंड…लगभग 10 से अधिक मजदूरों के मौत की खबर..जलते हुए श्रमिक जान बचाने दौड़े…दहशत और ख़ौफ़ का मंजर… बढ़ सकता है मौत का आंकड़ा…15 से अधिक श्रमिक गम्भीर रूप से हुए घायल..खरसिया के पद्मावती और जिंदल व रायगढ़ के हॉस्पिटल में एडमिट.. पढ़िए पूरी खबर इनसाइड स्टोरी…

by Surendra Chauhan


बदलता छत्तीसगढ़।रायगढ़ ।सक्ति जिले के डभरा थाना क्षेत्र का सिंघीतराई आज दहशत और चीखों से गूंज उठा, जब वेदांता एथेना पावर प्लांट में दोपहर के वक्त ऐसा धमाका हुआ जिसने सब कुछ हिला कर रख दिया। बॉयलर से टरबाइन तक जाने वाली मेन स्टीम लाइन अचानक फटी और देखते ही देखते पूरा प्लांट आग, धुएं और चीख पुकार से भर गया।
यह कोई साधारण हादसा नहीं था, यह एक जिंदा मौत का मंजर था। मौके पर काम कर रहे मजदूरों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। तेज दबाव और उबलती भाप ने कई जिंदगियों को चंद सेकंड में झुलसा दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार मजदूर जलते हुए इधर उधर भागते रहे, कोई मदद के लिए चिल्लाता रहा तो कोई वहीं गिरकर तड़पता रहा।
करीब दो दर्जन से अधिक मजदूर गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं, जबकि लगभग एक दर्जन मजदूरों की मौत की खबर ने पूरे इलाके को सन्न कर दिया है। सबसे ज्यादा प्रभावित राहुल इंटरप्राइजेज के श्रमिक बताए जा रहे हैं, वहीं मालती कंस्ट्रक्शन और पावर मेक के मजदूर भी इस भयावह हादसे की चपेट में आए हैं।

हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कई शव अब तक प्लांट के अंदर ही फंसे हुए हैं। जहरीली गैस और आग के बीच रेस्क्यू टीम के लिए अंदर जाना तक मुश्किल बना हुआ है। सूत्रों की मानें तो मौत का आंकड़ा अभी और बढ़ सकता है।
घायलों को आनन फानन में खरसिया और रायगढ़ के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां कई जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं। अस्पतालों में अफरा तफरी का माहौल है, परिजन बिलख रहे हैं और हर कोई अपने अपनों की खबर के लिए भटक रहा है।
घटना के बाद मौके पर पहुंचे पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी राहत और बचाव कार्य में जुटे हैं, लेकिन सवाल यह है कि इतनी बड़ी चूक आखिर कैसे हुई। शुरुआती जानकारी स्टीम लाइन में अत्यधिक दबाव की ओर इशारा कर रही है, लेकिन मजदूरों का आरोप है कि यह हादसा नहीं बल्कि लापरवाही से हुआ कत्लेआम है।
गुस्साए श्रमिकों ने मौके पर जमकर हंगामा किया और प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उनका कहना है कि सुरक्षा मानकों की लगातार अनदेखी की जा रही थी, जिसकी चेतावनी पहले भी दी गई थी, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया।
सिंघीतराई की इस दर्दनाक घटना ने पूरे क्षेत्र को हिला दिया है। हर तरफ चीख, आक्रोश और मातम का माहौल है। यह हादसा सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि उन सवालों का आईना है जिनका जवाब अब जिम्मेदारों को देना ही होगा।
फिलहाल निगाहें प्रशासनिक जांच और आधिकारिक आंकड़ों पर टिकी हैं, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि सिंघीतराई आज भी धुएं, दर्द और खामोशी के बीच अपने जख्मों से कराह रहा है।

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