




"बदलता छत्तीसगढ़।सारंगढ बिलाईगढ़।
अवैध डोलोमाइट खदानों के गढ़ में आपका स्वागत है। यहां सिर्फ अवैध खदानें ही नहीं, बल्कि उन खदानों से निकाले गए पत्थरों का बेहिसाब भंडार भी मौजूद हैं। इन खदानों में पोकलेन जेसीबी मशीनों में रोजाना पत्थरों का उत्खनन हो रहा है। सबसे बड़ी बात तो यह है कि इन खदानों की संख्या एक या दो नही बल्कि दर्जनों में है। बावजूद इसके अब तक इन अवैध खदानों को जिले का खनिज अमला न तो देख पाया है और न ही समझ पाया है।
दरअसल हम बात कर रहे हैं सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के उन क्षेत्रों की, जिन्हें लंबे समय से डोलोमाइट उत्खनन का सबसे संवेदनशील इलाका माना जाता है। बोंदा, कटंगपाली (अ), छैलपोरा और मौहापाली जैसे क्षेत्रों में खनन गतिविधियों को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। यहां अवैध खदानों की संख्या बढ़ती जा रही है और इन्हीं खदानों से निकलने वाले पत्थरों के सहारे कुछ लोगों की आर्थिक सल्तनत भी लगातार मजबूत होती जा रही है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि शिकायतें वर्षों से हो रही हैं तो फिर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही? आखिर किसकी निगरानी में यह पूरा खेल चल रहा है? जिन विभागों को ऐसी गतिविधियों पर रोक लगाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है, उन्हीं की कार्यप्रणाली अब सवालों के घेरे में दिखाई दे रही है।
कई अधिकारी आए और चले गए। शिकायतों के अंबार लगते रहे। ज्ञापन सौंपे जाते रहे। लेकिन हालात जस के तस बने रहे। न अवैध उत्खनन पर निर्णायक कार्रवाई हुई और न ही कथित रूप से सक्रिय नेटवर्क पर कोई बड़ी नकेल कसती दिखाई दी। नतीजा यह है कि डोलोमाइट उत्खनन को लेकर उठ रहे सवाल लगातार गहराते जा रहे हैं।
इसी बीच सामाजिक कार्यकर्ता भुवनेश्वर साहू ने कटंगपाली (अ) स्थित जय दुर्गा क्रशर उद्योग के खिलाफ खनिज विभाग में शिकायत दर्ज कराकर पूरे मामले को फिर सुर्खियों में ला दिया है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि ग्राम छैलपोरा के खसरा क्रमांक 119/1 एवं 119/3 तथा ग्राम मौहापाली के खसरा क्रमांक 141 से बड़े पैमाने पर पत्थरों का उत्खनन किया गया और उन्हें जय दुर्गा क्रशर परिसर में संग्रहित किया गया है।
शिकायतकर्ता का दावा है कि यदि खनिज विभाग निष्पक्ष भौतिक सत्यापन कराए तो भंडारित पत्थरों की वास्तविक मात्रा कई बड़े सवालों के जवाब दे सकती है। साथ ही शासन को संभावित राजस्व क्षति के पहलुओं की भी जांच आवश्यक है।
भुवनेश्वर साहू ने ज्ञापन के माध्यम से मांग की है कि संबंधित खसरा नंबरों की जांच, उत्खनन की वैधता, परिवहन रिकॉर्ड और क्रशर परिसर में उपलब्ध स्टॉक का सत्यापन कराया जाए तथा जांच में तथ्य सामने आने पर नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाए।
हाइलाइट
अवैध डोलोमाइट खनन को लेकर फिर उठे सवाल कटंगपाली (अ) स्थित जय दुर्गा क्रशर पर शिकायत।। छैलपोरा के खसरा 119/1, 119/3 और मौहापाली के खसरा 141 का उल्लेख।।
भारी मात्रा में पत्थर संग्रहण के आरोप सामाजिक कार्यकर्ता भुवनेश्वर साहू ने मांगी निष्पक्ष जांच
खनिज विभाग की कार्रवाई पर टिकी निगाहें
(यह समाचार शिकायत पत्र में लगाए गए आरोपों और मांगों पर आधारित है। आरोपों की पुष्टि सक्षम विभागीय जांच के बाद ही होगी।)
