


बदलता छत्तीसगढ़।रायगढ़..
दो महीने से वेतन के लिए तरस रहे मजदूरों का गुस्सा आखिरकार फूट पड़ा। **JSW Steel की ठेका कंपनी SVS के श्रमिकों ने मंगलवार को कंपनी गेट के सामने कामबंद आंदोलन छेड़ दिया। मजदूरों के एकजुट होते ही कंपनी का पायलट प्लांट पूरी तरह बंद हो गया, जिससे मैनेजमेंट के हाथ-पांव फूल गए हैं।
आंदोलनकारी मजदूरों ने साफ कहा कि दो महीने से वेतन नहीं मिलने के कारण उनके घरों में आर्थिक संकट गहरा गया है। मजदूरों का कहना है कि उन्हें मिलने वाली मजदूरी ही घर का चूल्हा जलाती है, बच्चों की स्कूल फीस भरती है और परिवार का राशन-पानी चलाती है। इसके बावजूद पेमेंट को लेकर ठेका कंपनी की लेट-लतीफी और मनमानी लगातार जारी है, जिससे मजदूरों का सब्र जवाब दे गया।
मजदूरों ने आरोप लगाया कि वे JSW Steel के पायलट प्लांट में हर दिन अपनी जान जोखिम में डालकर काम करते हैं। खतरनाक माहौल, धूल-धुएं और भारी मशीनों के बीच हाड़तोड़ मेहनत करने के बाद भी उन्हें समय पर वेतन तक नहीं मिलता, जो सरासर अन्याय है। मजदूरों का कहना है कि मामूली तनख्वाह में भी वे परिवार की खुशहाली के लिए हर जोखिम उठाते हैं, लेकिन जब वही मेहनताना रोक लिया जाए तो हालात बद से बदतर हो जाते हैं।

मजदूरों ने दो टूक चेतावनी दी है कि जब तक दो महीने का बकाया वेतन नहीं दिया जाएगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा और काम पूरी तरह बंद रहेगा।
मजदूरों के आंदोलन पर जाने से पायलट प्लांट का कामकाज ठप हो गया है, जिससे उत्पादन पर भी बड़ा असर पड़ सकता है। गेट के सामने डटे मजदूरों के तेवर देख अब कंपनी मैनेजमेंट पर भारी दबाव बन गया है।
फिलहाल सवाल यह है कि करोड़ों की इंडस्ट्री चलाने वाली कंपनी अपने मजदूरों को उनका पसीना बहाकर कमाया हक कब देगी?