Monday, May 27, 2024
Home रायगढ़ बिग ब्रेकिंग ….तिरूपति कोल डिपो में बेख़ौफ़ हो रहा कोयले का अवैध कारोबार। जून में ही समाप्त हो चुका है लीज डेट। एक्सटेंशन सिर्फ उठाव का,लेकिन उठाव की जगह बाहर से मंगाया जा रहा हजारों टन कोयला।मिक्सिंग के खेल निराले। नींद से जागे खनिज विभाग ने माना पूरा कारोबार अवैध। हर हाल में होगी कार्रवाई।

बिग ब्रेकिंग ….तिरूपति कोल डिपो में बेख़ौफ़ हो रहा कोयले का अवैध कारोबार। जून में ही समाप्त हो चुका है लीज डेट। एक्सटेंशन सिर्फ उठाव का,लेकिन उठाव की जगह बाहर से मंगाया जा रहा हजारों टन कोयला।मिक्सिंग के खेल निराले। नींद से जागे खनिज विभाग ने माना पूरा कारोबार अवैध। हर हाल में होगी कार्रवाई।

by Surendra Chauhan

रायगढ़ । एवरीथिंग इज मैनेज यह वह शब्द है जिसके आड़ में हर उस काले कारोबार को बेख़ौफ़ अंजाम दिया जा रहा है जो पूरी तरह से अवैध है। ताजा मामला जिंदल खरसिया रोड पर परसदा के समीप स्थित तिरुपति कोल डिपो का है। जिसने लीज डेट खत्म होने के बाद मिले एक्सटेंशन का बेजा फायदा उठाते हुए पूरे दम खम के साथ अवैध काम शुरू कर दिया है।

बता दे पर्यावरण के नए नियमों के मुताबिक कोयला खदान के 25 किलोमीटर के रेडियस पर न तो किसी तरह से कोल डिपो की स्वीकृति होगी और नही किसी तरह के एक्सटेंशन को मंजूरी मिलेगी। इसी नियमो के तहत परसदा दूध डेयरी के समीप संचालित तिरूपति कोल डिपो की जब 16 जून को लीज तारीख समाप्त हुई तो एक्सटेंशन के लिए खनिज अमले ने हाथ खड़े कर दिए। लेकिन वैद्य स्टॉक के उठाव का आवेदन सामने आया तो तीन महीने का अल्टीमेटम देते हुए एक्सटेंशन दिया गया। तय मियाद के भीतर डिपो मैनेजमेंट को जल्द से जल्द भंडारण हुए कोयले का उठाव करना था। लेकिन मैनेजमेंट ने एवरीथिंग मैनेज की आड़ लेकर न सिर्फ बाहर से कोयला मंगाना शुरू कर दिया बल्कि बेहिसाब मात्रा में कोयले का अवैध रूप से भंडारण भी करने लगा है। तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि किस तरह डिपो के भीतर जाने के लिए कोयले लेकर ट्रको की कतारें लगी है। बहरहाल इस अवैध मामले का भंडाफोड़ होने के बाद खनिज विभाग ने सीधी कार्रवाई का दावा किया है।

खनिज इंस्पेक्टरों की लपरवाही

डिपो में कोयले का जितना भंडारण शेष था उस आधार पर ही एक्सटेंशन जारी किया गया है। लेकिन पिछले एक महीने से जिस तरह पुरानी एनएच पर कोयले लेकर गाड़िया डिपो आ रही है उसकी जांच को लेकर खनिज अमले ने कोई गंभीरता नही दिखाई। इसी का फायदा डिपो प्रबंधन ने उठाया।

क्या कहते है खनिज अधिकारी

खनिज अधिकारी योगेंद्र सिंह ने बताया की लीज डेट खत्म होने के बाद एक्सटेंशन सिर्फ उठाव के लिए दिया गया था। कोयले का भंडारण और परिवहन पूरी तरह से अवैध है। जांच के लिए खनिज इंस्पेक्टरों की टीम को भेजा गया है।

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