Saturday, May 9, 2026
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रायगढ़ में ह्यूमन ट्रैफिकिंग का काला सच उजागर…नाबालिगों को जाल में फसाने वाले गिरोह का पर्दाफाश…5आरोपी गिरफ्तार…पहले किशोरियों का ब्रेनवाश फिर देह व्यापार में धकेल दिया जाता था..एमपी से लेकर छत्तीसगढ़ तक फैला गिरोह का नेटवर्क…

by Surendra Chauhan

बदलता छत्तीसगढ़।रायगढ़।

मासूम किशोरियों का ब्रेनवाश कर उन्हें देह व्यापार के धंधे में धकेलने वाले एक खतरनाक गिरोह का पर्दाफाश करने में पुलिस ने कामयाबी पाई है। रोजगार दिलाने के नाम पर भोली भाली नवयुवतियों को जाल में फंसाकर उनका सौदा किया जा रहा था।खास बात तो यह है कि गिरोह का नेटवर्क छत्तीसगढ़ से लेकर मध्यप्रदेश तक फैला हुआ था।। इस कार्रवाई में एक नाबालिग पीड़िता को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया, वहीं पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह बेहद शातिर तरीके से मासूम बच्चों और किशोरियों को निशाना बनाता था। उन्हें रोजगार का झांसा देकर घर से दूर ले जाया जाता और फिर पैसों के लिए सौदेबाजी कर जबरन रिश्तों और शोषण के दलदल में धकेल दिया जाता। इस मामले में भी पीड़िता को दूसरे राज्य ले जाकर जबरन शादी कराई गई और उसके साथ गंभीर अपराध किए गए।
हालांकि साहस और सतर्कता के चलते पीड़िता किसी तरह आरोपियों के चंगुल से निकलकर वापस पहुंची और पुलिस तक मामला पहुंचा। इसके बाद रायगढ़ पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए पूरे नेटवर्क को ट्रैक किया और छापेमारी कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई से छत्तीसगढ़ से मध्यप्रदेश तक फैले गिरोह का खुलासा हुआ है।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ अपहरण, मानव तस्करी और पॉक्सो एक्ट जैसी गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है। एक आरोपी अभी फरार है, जिसकी तलाश जारी है। इस पूरे ऑपरेशन में पुलिस टीम ने तेजी, संवेदनशीलता और सूझबूझ के साथ काम करते हुए पीड़िता की सुरक्षा को प्राथमिकता दी।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने स्पष्ट संदेश दिया है कि जिले में मानव तस्करी और देह व्यापार जैसे अपराधों के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने आम नागरिकों से भी अपील की है कि ऐसी किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें, ताकि समय रहते अपराध पर अंकुश लगाया जा सके।
यह कार्रवाई केवल एक केस का खुलासा नहीं, बल्कि उन काले नेटवर्क के खिलाफ बड़ा संदेश है जो मासूम जिंदगियों को निशाना बनाते हैं। रायगढ़ पुलिस की इस पहल से न सिर्फ एक पीड़िता को न्याय की दिशा मिली है, बल्कि कई संभावित अपराधों को भी रोका जा सका है।

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