बदलता छत्तीसगढ़।रायगढ़। औद्योगिक तरक्की की चमक के पीछे अगर नशे का काला साम्राज्य पनपने लगे तो यह सिर्फ अपराध नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम पर बड़ा सवाल है!
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में जो सामने आया है, उसने कानून-व्यवस्था, खुफिया तंत्र और प्रशासन—तीनों की नींद उड़ा दी है।
सब्जी के खेत में छुपा “अफ़ीम का जाल”… और वो भी एक-दो पौधे नहीं, बल्कि पूरे एक एकड़ में फैला जहर!
दुर्ग और बलरामपुर के बाद अब रायगढ़… क्या प्रदेश बनता जा रहा है ड्रग कॉरिडोर?
तमनार में पुलिस की रेड से फटा “नशे का बम”
आमाघाट, तमनार
गुप्त सूचना पर पहुंची पुलिस टीम ने जब खेत में कदम रखा, तो शुरुआत में सब कुछ सामान्य दिखा—हरी-भरी सब्जियां।
लेकिन जैसे ही गहराई से जांच हुई…
● खेत के अंदर छिपी मिली अफ़ीम की खेती
● बेहद चालाकी से सब्जियों के बीच छुपाई गई फसल
●“हरी सब्जी के बीच काला कारोबार”
✔ करीब 1 एकड़ जमीन पर अफ़ीम की खेती
✔ प्रोफेशनल तरीके से की गई प्लांटिंग
✔ स्थानीय स्तर पर किसी को भनक तक नहीं
● यह कोई छोटा-मोटा प्रयोग नहीं…
● बल्कि पूरी प्लानिंग के साथ किया गया संगठित अपराध!
● झारखंड कनेक्शन ने बढ़ाया शक
जांच में सामने आया—
● आरोपी सुषमा खलखो
● पति मार्शल (झारखंड निवासी)
●बड़ा सवाल:
क्या यह सिर्फ खेती है… या इसके पीछे बड़ा इंटरस्टेट ड्रग नेटवर्क काम कर रहा है?
● हिरासत में आरोपी, खुल सकते हैं कई “बड़े नाम”
● मुख्य आरोपी पुलिस की गिरफ्त में
● लगातार पूछताछ जारी
● जांच एजेंसियां अब तलाश में—
सप्लाई चेन
खरीदार कौन?
क्या इसमें और जिले जुड़े हैं?
प्रदेश में भूचाल
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस पूरे मामले को लेकर सरकार पर सीधा हमला बोला है।
सोशल मीडिया पर पोस्ट कर उन्होंने कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं।
पुलिस का अल्टीमेटम
● “अवैध अफ़ीम की खेती करने वालों को किसी कीमत पर नहीं छोड़ा जाएगा।”
● “पूरे नेटवर्क को जड़ से उखाड़ेंगे।”
◆सबसे बड़ा सवाल
◆ क्या रायगढ़ में नशे का सिंडिकेट जड़ जमा चुका है?
● क्या और खेतों में भी छिपा है ऐसा “जहर”?
● क्या यह सिर्फ शुरुआत है?
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