
बदलता छत्तीसगढ़।रायगढ़।शहर के चर्चित युवा व्यवसायी और तुलसी डिजिटल के डायरेक्टर राहुल अग्रवाल की मौत अब एक साधारण आत्महत्या का मामला नहीं रह गई है। रेलवे ट्रैक पर दो टुकड़ों में मिली लाश ने पूरे शहर को सनसनी से भर दिया है। पुलिस भले ही शुरुआती जांच में इसे आत्महत्या मान रही हो, लेकिन इस मौत के पीछे छिपी कहानी अब कहीं ज्यादा गहरी और खौफनाक दिखाई देने लगी है।
सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर एक सफल, स्थापित और तेजी से आगे बढ़ रहा युवा कारोबारी ऐसा खौफनाक कदम उठाने को क्यों मजबूर हुआ। सूत्रों का दावा है कि मौत के पीछे पारिवारिक कलह और बाहरी तनाव की भूमिका भी बेहद अहम थी। हालांकि परिवार के भीतर आखिर ऐसा कौन सा विवाद चल रहा था और बाहरी क्या तनाव था उसके पीछे मुख्य किरदार कौन है, यह अब तक पूरी तरह साफ नहीं हो सका है। यही वजह है कि पुलिस हर एंगल को जोड़कर उस चेहरे तक पहुंचने की कोशिश कर रही है जिसने कथित तौर पर राहुल को मानसिक रूप से तोड़ दिया।
जांच में सबसे अहम कड़ी अब राहुल अग्रवाल का आईफोन बनकर सामने आया है। माना जा रहा है कि इसी मोबाइल में वे चैट, कॉल रिकॉर्ड, निजी बातचीत और डिजिटल सबूत मौजूद हैं जो इस रहस्यमयी मौत का पूरा सच बाहर ला सकते हैं। पुलिस और तकनीकी टीम लगातार आईफोन को अनलॉक करने की कोशिश में जुटी हुई है। सूत्रों की मानें तो फोन खुलते ही कई ऐसे राज सामने आ सकते हैं जो पूरे मामले को नई दिशा दे देंगे।
शहर में इस बात की भी चर्चा तेज है कि मौत से पहले राहुल गहरे तनाव में था। करीबी लोगों से रिश्तों में खटास और लगातार बढ़ते मानसिक दबाव ने आखिरकार उसे मौत के मुहाने तक पहुंचा दिया। अब सवाल यह खड़ा हो रहा है कि क्या राहुल ने अपनी मर्जी से जान दी या फिर उसे परिस्थितियों और दबावों ने आत्महत्या के लिए मजबूर कर दिया।
पुलिस फिलहाल हर उस व्यक्ति की भूमिका खंगाल रही है जो राहुल के निजी और पारिवारिक जीवन से जुड़ा हुआ था। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे यह मामला और ज्यादा विस्फोटक होता जा रहा है। शहर की नजर अब सिर्फ एक चीज पर टिकी है कि आखिर राहुल अग्रवाल की मौत के पीछे छिपा असली मास्टरमाइंड कौन है और आईफोन में कैद कौन सा ऐसा राज है जो कई चेहरों से नकाब हटा सकता है।