बदलता छत्तीसगढ़।रायगढ़। पुलिस इन्वेस्टिगेशन के बाद नंदू पटेल हत्याकांड से काफी हद तक पर्दा उठ गया है।खासकर सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद मामले में छाया संस्पेंस अब सिर्फ रस्मअदायगी है। सूत्रों पर अगर गौर फरमाएं तो इस पूरे मामले का मास्टरमाइंड महुआपाली की खतरनाक हिस्ट्रीशीटर जोड़ी है। जो शराब के नशे और सुलेशन के डोज के बाद इंतकाम की आग में धधकते रहते है।10 फरवरी को आई बारात से मारपीट और बलवा के बाद ही बदले की आग ने जन्म लिया था।
कहानी एक अधूरे बदले की… और अंधेरे में पनपते खौफ की।
महुआपाली में इन दिनों जिस नाम से दहशत फैलती थी, वह है नीलेश उर्फ ‘नीले’ डेंजारे। पिता की हत्या और जली हुई लाश का जख्म उसके भीतर बदले की आग बनकर सुलगता रहा।
ग्रामीणों के मुताबिक, नीलेश अक्सर अपने खास साथी कृष्णा सोनवानी के साथ शराब और सुलेशन के नशे में रात के सन्नाटे में निकल पड़ता था। दोनों का नाम पुराने हिस्ट्रीशीटरों में शुमार बताया जाता है — जेल जाना-आना जैसे उनकी दिनचर्या बन चुकी थी।
10 साल पहले हुई थी पिता की हत्या
महुआपाली के रहने वाले इस युवक के पिता की अज्ञात आरोपियों ने निर्मम हत्या कर लाश को जलाने की कोशिश की थी। मामले के 10 साल गुजर जाने के बाद भी मामले का खुलासा नही हो पाया है। इस बात को लेकर अक्सर वह नशे के बाद बड़बड़ाता रहता था।
लोगों ने चेताया… पर नहीं बढ़ी निगरानी
ग्रामीणों ने कई बार पुलिस से इन दोनों पर विशेष निगरानी रखने की मांग की।
लेकिन आरोप है कि मांग पर गंभीर अमल नहीं हुआ।
और फिर वही हुआ, जिसका डर था…
सोमवार की रात: बदले ने ली एक और जान
पुरानी रंजिश ने खौफनाक रूप लिया।
चपले गांव के युवक नंदू पटेल को कथित तौर पर घेरकर पहले मारपीट की गई… और फिर जिंदा आग के हवाले कर दिया गया।
90 प्रतिशत तक झुलसे नंदू पटेल ने अस्पताल में दम तोड़ दिया।
महुआपाली की रात, चीखों और लपटों से सिहर उठी।
पुलिस एक्शन: मुख्य आरोपी गिरफ्तार
हत्याकांड सामने आते ही पुलिस हरकत में आई।
मुख्य आरोपी नीलेश उर्फ नीले डेंजारे को गिरफ्तार कर लिया गया है।
लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं होती —
दूसरा शातिर आरोपी कृष्णा सोनवानी मृतक की बाइक लेकर फरार हो गया है।
उसकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है।
अभी और खुलेंगे राज?
▪ बदले की आग में सुलगता युवक
▪ हिस्ट्रीशीटर जोड़ी की खौफनाक रात
▪ जिंदा जलाकर हत्या
▪ एक गिरफ्तार, दूसरा फरार
▪ बाइक लेकर फरारी ने बढ़ाया सस्पेंस
बड़ा सवाल…
क्या यह सिर्फ पुरानी रंजिश थी?
या बदले की आग में पनपी सुनियोजित साजिश?
पूरे मामले का असली खुलासा दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी और पूछताछ के बाद ही सामने आएगा।
फिलहाल महुआपाली में सन्नाटा है… लेकिन खौफ अब भी जिंदा है।