बदलता छत्तीसगढ़।रायगढ़।
पहली ही क्राइम बैठक में नए एसएसपी शशिमोहन सिंह पूरे तेवर में नजर आए।
बैठक में जिलेभर के थाना प्रभारी और एसडीओपी मौजूद थे। माहौल गंभीर था… और शब्द सीधे, कड़े और बिना लाग-लपेट के।
“या तो ट्रांसफर करा लो… या मेरा करा दो!”
एसएसपी ने दो टूक कहा—
“अगर आपके थाना क्षेत्र में 2 नम्बर का धंधा चल रहा है तो बोरिया-बिस्तर समेट लीजिए।
जब तक मैं हूं, जिले में एक भी 2 नम्बर का धंधा नहीं चलेगा।
या तो आप लोग ट्रांसफर करा लें… या फिर मेरा करा दें।
मैं खुद को बदल नहीं सकता।”
इन शब्दों के साथ साफ कर दिया गया कि
अवैध कारोबार, सांठगांठ और ढिलाई अब बिल्कुल बर्दाश्त नहीं होगी।
होली पर हुड़दंग नहीं चलेगा
आगामी होली त्यौहार को लेकर विशेष निर्देश—
▪ हुड़दंग, जबरन रंग और शराब के नशे में उत्पात पर सख्त कार्रवाई
▪ संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पेट्रोलिंग
▪ असामाजिक तत्वों की अग्रिम धरपकड़
“त्यौहार खुशियों का है, कानून तोड़ने का नहीं।”
गुंडे-बदमाशों पर शिकंजा कसो
▪ हिस्ट्रीशीटरों की सूची अपडेट
▪ वारंटियों की गिरफ्तारी तेज
▪ निगरानी बदमाशों की लगातार चेकिंग
स्पष्ट संदेश—
“अपराधी सुधरें या जेल जाएं।”
विजुअल पुलिसिंग अनिवार्य
एसएसपी ने कहा—
“जनता को पुलिस दिखनी चाहिए और अपराधी को डर।”
▪ नियमित फुट पेट्रोलिंग
▪ बाइक पेट्रोलिंग
▪ फ्लैग मार्च
▪ बाजार और चौक-चौराहों पर पुलिस की मौजूदगी
अब हर थाना प्रभारी अपने क्षेत्र की सीधी जवाबदेही लेगा।
जीरो टॉलरेंस की शुरुआत
पहली ही बैठक में साफ कर दिया गया—
ईमानदारी और निष्ठा के साथ आम लोगों की सेवा और क्राइम कंट्रोल के लिए कड़े कदम उठाने होंगे।
अब जिले में समझौते का दौर खत्म…
सख्ती का नया अध्याय शुरू