

बदलता छत्तीसगढ़।रायगढ़। खरसिया जनपद पंचायत की 82 ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों की रफ्तार थम गई है। हालात ऐसे हैं कि सड़क, नाली, भवन निर्माण और अन्य बुनियादी योजनाएं फंड के अभाव में अधर में लटकी हुई हैं।
जनपद सदस्यों का कहना है कि 15वें वित्त आयोग और जनपद निधि से मिलने वाली राशि इतनी पर्याप्त नहीं है कि गांवों में व्यापक विकास कार्य कराए जा सकें। सीमित बजट के कारण पंचायतों में कई जरूरी काम शुरू ही नहीं हो पा रहे हैं।
जनपद के सदस्य पहुंचे प्रशासन के पास
ग्रामीण विकास की धीमी रफ्तार को लेकर जनपद पंचायत के सदस्यों ने जनपद अध्यक्ष रामकुमारी राठिया के नेतृत्व में कलेक्टर के नाम एसडीएम प्रवीण तिवारी को ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन के माध्यम से जनप्रतिनिधियों ने मांग की है कि खरसिया क्षेत्र की पंचायतों में विकास कार्यों को गति देने के लिए CSR (कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी) और DMF (जिला खनिज न्यास) फंड से राशि उपलब्ध कराई जाए।
फंड मिला तो दौड़ेगी विकास की गाड़ी
जनपद सदस्यों का कहना है कि यदि CSR और DMF फंड से आर्थिक सहयोग मिलता है तो पंचायतों में लंबे समय से लंबित विकास कार्यों को शुरू किया जा सकता है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, नाली, पेयजल और अन्य आधारभूत सुविधाओं का विस्तार संभव हो सकेगा।

ग्रामीणों को भी राहत की उम्मीद
जनप्रतिनिधियों का कहना है कि फंड की कमी के कारण विकास कार्यों में लगातार देरी हो रही है, जिससे ग्रामीणों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। यदि प्रशासन जल्द पहल करता है तो 82 पंचायतों में विकास की रुकी हुई रफ्तार को नई दिशा मिल सकती है।