
बदलता छत्तीसगढ़।रायगढ़। ईमानदारी और कानून के प्रति सम्मान की एक अनोखी मिसाल तब सामने आई जब ग्राम जबलपुर के उपसरपंच नारायण डनसेना ने अपने ही भतीजे के अपराध में पकड़े जाने के बाद खुलकर कहा कि अपराधी चाहे अपना ही क्यों न हो, उसे सजा मिलनी ही चाहिए।
दरअसल, भूपदेवपुर पुलिस ने एक दिन पहले गांव के ही उदय राम पटैल के सूने मकान में चोरी करने वाले आरोपी जितेंद्र डनसेना को चोरी के सामान सहित गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान गांव के ही उपसरपंच नारायण डनसेना के भतीजे के रूप में हुई।
“रिश्ते से बड़ा कानून”
मामला सामने आने के बाद उपसरपंच नारायण डनसेना खुद सामने आए और स्पष्ट शब्दों में कहा—
“अपराध करने वाला चाहे मेरा भतीजा ही क्यों न हो, उससे मेरा कोई रिश्ता नहीं है। उसकी आपराधिक प्रवृत्ति के कारण मैंने पहले ही उससे संबंध खत्म कर दिए हैं। अगर उसने कानून के खिलाफ काम किया है तो उसे उसके कर्मों की सजा जरूर मिलनी चाहिए।”
उन्होंने यह भी कहा कि उनका उद्देश्य केवल गांव का विकास और ग्रामीणों की सेवा करना है और किसी भी अपराधी का समर्थन करना उनके सिद्धांतों के खिलाफ है।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
भूपदेवपुर पुलिस को सूचना मिली थी कि गांव के उदय राम पटैल के खाली मकान में चोरी हुई है। पुलिस ने त्वरित जांच करते हुए आरोपी जितेंद्र डनसेना को गिरफ्तार कर लिया और उसके पास से चोरी का सामान भी बरामद कर लिया।
गांव में बनी चर्चा
इस पूरे घटनाक्रम के बाद गांव में उपसरपंच नारायण डनसेना के इस रुख की काफी चर्चा हो रही है। लोगों का कहना है कि उन्होंने रिश्ते से ऊपर कानून और नैतिकता को रखा, जो समाज के लिए एक मजबूत संदेश है।
साफ संदेश
यह घटना बताती है कि कानून सबके लिए समान है।
अगर समाज के जिम्मेदार लोग भी इसी तरह निष्पक्ष होकर अपराध के खिलाफ खड़े हों, तो अपराधियों के लिए कहीं भी जगह नहीं बचेगी।